कुसुम (किसान उर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान) योजना

दिनांक: February 14, 2019

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कुसुम योजना नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत वर्ष 2022 तक देश में तीन करोड़ सिंचाई पंपोंको डीजल या बिजली के स्थान पर सौर ऊर्जा से चलाये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना का पूरा नाम किसान उर्जा सुरक्षा व उत्थान महाभियान रखा गया है।

कुसुम योजना के तहत सरकार किसानों को खेतों के ऊपर या मेड़ों पर सौर उर्जा संयंत्र लगाकर बिजली उत्पादन करने की छूट देगी। जिससे किसानों के कृषि कार्य में बिजली के आपूर्ति से सम्बंधित समस्यायों का निदान हो जायेगा। तथा किसानों द्वारा अपने जरूरत के अतिरिक्त बची हुई बिजली को ग्रिड में देने पर उसका मूल्य भी प्राप्त होगा। अतः इस योजना के पूर्णतया लागू हो जाने पर किसानों को आय का दूसरा साधन भी उपलब्ध हो जायेगा।

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उद्देश्य
1-किसान उर्जा सुरक्षा व उत्थान महाभियान योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में किसानों के बिजली से सम्बंधित समस्याओं का समाधान करना है।
2-इस योजना के माध्यम से गांवों में भी 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराया जा सकेगा।
3-एक अनुमान के अनुसार यदि कृषि क्षेत्र में उपयोग होने वाले सभी सिंचाई पम्पों को सौर उर्जा से चलाया जायेगा, तो 28 हज़ार मेगावाट बिजली की बचत होगी।
4-इस योजना के क्रियान्वयन द्वारा बिजली एवं डीजल की बचत होगी जिसका प्रयोग अन्य क्षेत्र में किया जा सकेगा।
5-कुसुम योजना के तहत वर्ष 2022 तक देश में तीन करोड़ सिंचाई पम्पों को सौर ऊर्जा से चलाये जाने का लक्ष्य रखा गया है।