29 जून: भारतीय सांख्यिकी दिवस (प्रशांत चंद्र महालनोबिस की 125वीं जयंती)

दिनांक: June 29, 2018

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भारत के महान सांख्यिकीविद और वैज्ञानिक प्रशांत चंद्र महालनोबिस का सांख्यिकी के क्षेत्र में योगदान के चलते आज भी याद किए जाते है| महालनोबिस का जन्मदिवस 29 जून सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है |

प्रशांत चंद्र महालनोबिस (Prasanta Chandra Mahalanobis) का जन्म 29 जून, 1893 को कोलकाता में हुआ था. उनकी प्रारंभिक शिक्षा ब्राम्हो बॉयज स्कूल कोलकाता से हुई|1913 में उन्होंने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से भौतिकी और गणित दोनों विषयों से डिग्री हासिल की. वह एकमात्र छात्र थे, जिसने भौतिकी में पहला स्थान प्राप्त किया था|कैंब्रिज छोड़ने के बाद वह प्रेसिडेंसी कॉलेज, कोलकाता से जुड़ गए थे जहां उन्होंने सांख्यिकी पढ़ने की शुरुआत की|

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प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने प्रेमाथा नाथ बनर्जी, निखिल रंजन सेन और आरएन मुखर्जी के साथ मिलकर 17 दिसंबर 1931 को भारतीय सांख्यिकी संस्थान (Indian Statistical Institute) की स्थापना की| प्रशांत चंद्र महालनोबिस को पंचवर्षीय योजना के अपने मसौदे के कारण जाना जाता है| साल 1949 में मंत्रिमंडल के सांख्यिकी सलाहकार बने. उन्होंने औद्योगिक उत्पादन की तीव्र बढ़ोतरी के जरिए बेरोजगारी को खत्म करने के लिए सराकार के प्रमुख उद्देश्य को पूरा करने के लिए योजना का खाका खींचा| प्रशांत महालनोबिस (Prasanta Chandra Mahalanobis) डिस्‍टेंस का पता लगाने के लिए सबसे ज्‍यादा शोहरत मिली थी| महालनोबिस ही ‘सैंपल सर्वे’ का कॉनसेप्ट लाए थे. जिसके आधार पर आज के समय में बड़ी-बड़ी नीतियां और योजनाएं बनाई जा रही हैं| 1968 में महालनोबिस को पद्म विभूषण से नवाजा गया था| 28 जून, 1972 को महान सांख्यिकीविद प्रशांत चंद्र महालनोबिसउन का निधन हो गया|