चक्रवाती तूफान ‘फानी’: पूर्वी भारत पर असर और जाने कैसे पड़ते है तुफानो के नाम

दिनांक: May 04, 2019

WMO naming of cyclones hurricane vayu

बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'फानी' (Fani) तेज़ी से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसका केंद्र चेन्नई से 810 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व की ओर और मछलीपट्टनम (आंध्रप्रदेश) से 950 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में पाया गया है.

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तूफान का नाम रखने की पद्धति-
विश्‍व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization) ने चक्रवातों के नाम रखने हेतु प्रमुख संस्था है
भारत द्वारा तूफानों का नाम देने का चलन 2004 से शुरू हुआ इसके लिए भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार, ओमान और थाइलैंड ने भी तूफानों का नाम देने का फॉर्मूला तैयार किया. इन 8 देशों की ओर से सुझाए गए नामों के पहले अक्षर के अनुसार उनका क्रम तय किया जाता है और उसी क्रम के अनुसार चक्रवातों के नाम रखे जाते हैं.
इन आठ देशों में अगर चक्रवात आता है तो भेजे गए नामों में बारी-बारी एक नाम चुना जाता है. भारत में 10 साल तक एक नाम दोबारा इस्‍तेमाल नहीं किया जाता. साथ ही ज्‍यादा तबाही मचाने वाले चक्रवातों के नाम को निरस्‍त कर दिया जाता है. इस बार बांग्लादेश के सुझाव पर तूफान का नाम 'फानी' रखा गया है.

चक्रवात फेनी  के बाद बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से सटे इलाको में आने वाले अगले चक्रवात का नाम भारत ने वायु रखा है. 

जबकि अमेरिका हर साल तूफानों के 21 नामों की सूची तैयार करता है. अमेरिका अंग्रेजी के हर एल्‍फाबेट से एक नाम रखता है परन्तु Q,U,X,Y और Z एल्‍फाबेट से तूफान का नाम रखने की परंपरा नहीं है. अगर एक साल में 21 से ज्‍यादा तूफान आएं तो फिर उनका नाम ग्रीक अल्‍फाबेट अल्‍फा, बीटा, गामा के नाम से रख दिया जाता है. इन नामों में ऑड-ईवन का फॉर्मूला अपनाया जाता है. जैसे ऑड सालों में चक्रवात का नाम औरतों के नाम पर रखा जाता है, जबकि ईवन सालों में आए तूफान के नाम पुरुषों पर आधारित होते हैं.